सरदारव्पीजीआरश्र(ह्मुमिक जैल)
ह्मुमिक अम्ल, जैव पदार्थो के जमीन में उपस्थित जीवाणुओं के विघटन द्वारा इसमें पोषक तत्वों को सोखने एवं बाद में आवश्यक्तानुसार पौधों को उपलब्ध करनें की असीम क्षमता होती है। ह्मुमिक जैल में 16 प्रतिशत ह्मुमिक अम्ल होता है, इसमें अम्ल पौधें को फायदा पहुॅचाने वाले फन्गस, बैक्टीरिया, एन्जाइम, बीस्ट और पोधें में आसानी वाले चीलेटेड माइक्रो तत्व होते है। यह सभी मिलकर ह्मुमिक जैल को एक तेज रूप प्रदान करते है। ह्मुमिकळजैल 4 के जैविकळ लाभ पौधों की कार्बनिक क्रियाओं को तीव्र करता है। एन्जाइम तंत्र को बढ़ाता है। सभी तत्वों एवं सूक्ष्म तत्वों के अवशोषण को तेज करता है। विटामिनों की मात्रा को बढ़ाता है। बीजों की अंकुरण क्षमता को बढ़ाता है। जड़ो में जैव कणिकाओं की विभाजन गति को तेज करता है। जिसके परिणाम स्वारूप पौधों का विकास जल्दी होता है। फसल की बढ़वार अच्छी होने के कारण अच्छा उत्पादन मिलता है। वैज्ञानिक सर्वे के आंकड़े बताते है कि ह्मुमिक जैल के उपयोग से अंगूर में लगभग 30 प्रतिशत व लगभग 28 प्रतिशत की उपज में वृद्धि देखी गई है। सोयाबीन, मटर, गेंहुॅ और अन्य फसलों में 24 प्रतिशत की उत्पादन वद्धि देखी गयी है। हरी सब्जियों जैसे-फूल गोभी, पत्तागोभी, धनिया, पालक, मैथी, मिर्च, शिमला मिर्च आदि में भी लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक की उत्पादन वृद्धि मिली है। गुलाब के पौधों पर फुटाव ज्यादा होता है और फूल अधिक संख्या में बड़े आते है। मात्रा-बीज अंकुरण बढ़ाने के लिए-2 से 3 मि.ली. प्रति किलो में बीज मिलाये। पौधो पर छिड़काव - 500 से 1000 मि.ली. 30 से प्रति एकड़ में पानी में मिलाकर छिड़काव करें। उपयोग- ह्मुमिक जैल का उपयोग सभी प्रकार की पौध क्रियाओं में लाभदायक है। इअसका पहला उपयोग बीज लगाते समय करें, दूसरा छिड़काव 21 से 28 दिनों में करे, व तीसर छिड़काव कली बनने की अवस्था में य 45 से 55 दिनों में करना चाहिये। बहुवर्षीय फलों जैसे अंगूर, संतरा, नींबू, आम, सेब, पपीता, जाम अदि में ह्मुमिक का छिड़काव कटिंग के तुरंत बाद और कली आने पर या हर 30-45 दिनों के अंतर से करने पर फल अधिक आते है, परंतु वैज्ञानिक की यह सिफारिश् है कि इसका छिड़काव बिना किसी अन्य कीटनाशक फफूंदनाशक के अधिक लाभदायक है। इस उत्पादन का उपयोग हमारे नियंत्रण में नही होने के कारण हम उपयोग या अन्य किसी प्रकार की हानी की जिम्मेदारी नही ले सकते है।